विद्युत सुरक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन के ऊर्जा विभाग के अधीन एक शासकीय विभाग है। विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, विद्युत सुरक्षा, उत्तराखण्ड शासन कार्यरत हैं, जिन्हें विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 162 के अंतर्गत राज्य हेतु मुख्य विद्युत निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
विभाग का मुख्यालय पंचायतघर, बड़ी मुखानी, हीरा कॉन्वेंट स्कूल के निकट, हल्द्वानी, जिला नैनीताल में स्थित है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में विभाग के दो मण्डलीय कार्यालय - पिथौरागढ़ तथा गोपेश्वर (जिला चमोली) - एवं तीन जोनल कार्यालय - हल्द्वानी, देहरादून तथा रुड़की - संचालित हैं।
विद्युत सुरक्षा विभाग द्वारा विद्युत अधिनियम, 2003 तथा केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति संबंधी उपाय) विनियम, 2010 के अंतर्गत राज्य में विद्युत सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्य संपादित किए जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से विद्युत दुर्घटनाओं की जांच, विभिन्न विद्युत अधिष्ठापनों का निरीक्षण, इलेक्ट्रिकल ड्रॉइंग का परीक्षण एवं अनुमोदन, तथा विद्युत स्थापना कार्य से संबंधित ठेकेदारों को लाइसेंस प्रदान करना शामिल है।
विभाग के प्रमुख कार्य
- विद्युतीय अधिष्ठापनों की सुरक्षा जाँच और निरीक्षण।
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 162 एवं धारा 53 तथा केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति संबंधी उपाय विनियम, 2010 के अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विद्युतीय अधिष्ठापनों का निरीक्षण किया जाता है।
- मेला/प्रदर्शनी/अस्थायी विद्युत अधिष्ठापनों एवं जनरेटर अधिष्ठापनों की जाँच।
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 54 के अंतर्गत मेले, प्रदर्शनी, सार्वजनिक एवं अन्य स्थलों पर स्थापित अस्थायी विद्युत व्यवस्थाओं, जनरेटर अधिष्ठापनों तथा विशिष्ट व्यक्तियों के कार्यक्रमों से संबंधित विद्युत अधिष्ठापनों का निरीक्षण किया जाता है।
- विद्युत दुर्घटनाओं की जाँच।
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 161 के अंतर्गत राज्य में घटित विद्युत दुर्घटनाओं की जांच की जाती है।
- ठेकेदार लाइसेंस, सुपरवाइजर सर्टिफिकेट और वर्कमैन परमिट जारी करना।
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति संबंधी उपाय) विनियम, 2010 के विनियम 29 के अंतर्गत राज्य में विद्युत स्थापना कार्यों हेतु ठेकेदारों को लाइसेंस प्रदान किया जाता है। साथ ही, विद्युत कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु पर्यवेक्षकों को सक्षमता प्रमाणपत्र तथा वर्कमैन को परमिट जारी किए जाते हैं।
- सिनेमाटोग्राफी नियमों के अंतर्गत संबंधित निरीक्षण।
उत्तर प्रदेश सिनेमाटोग्राफी रूल्स, 1951 के अंतर्गत चलचित्र गृहों के विद्युत अधिष्ठापनों का निरीक्षण किया जाता है।
- इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी अधिनियम/नियमों से संबंधित नियामकीय कार्य।
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के भुगतान एवं उससे संबंधित अन्य प्रावधान उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी (ड्यूटी) नियमावली, 1971 में वर्णित हैं।
अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत उत्तराखण्ड सरकार को विभिन्न श्रेणियों के उपभोग पर इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दर निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है।
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी को निर्धारित समयावधि के भीतर शासकीय कोषागार में जमा करने की जिम्मेदारी, यथास्थिति, लाइसेंसी, नामित अधिकारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की होती है।
वर्तमान में प्रदेश में लागू इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दर शासकीय अधिसूचना संख्या 79/I/2016-01(3)/01/2003 दिनांक 25 जनवरी, 2016 में निर्धारित की गई है।